जंगल से सड़क गुज़री… #aazaadbhanwar #hindipoetry #हिंदी #कविता #hindikavita

"कवि की वो कविता जिसने हमे अपने आने वाले कल की झलक दिखा दी" 

 जंगल से सड़क गुज़री, 

सड़क से लोग गुजरे, 

सड़क किनारे शहर बसा, 

दिन महीने साल गुजरे, 

धीरे धीरे जंगल गुजर गया, 


फिर शहर में बाढ़ आई, 

प्रगति को बहा ले गई, 

अब परिवर्तन की दरारों से 

जंगल फिर झाँक रहा है, 

अपनी जमीन वापस मांग रहा है। 



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