बहुत सारे मुर्ख लोग बोलते हैं की भगवान भारत मे ही हुवे.. तो अलग देशों मे क्यों नही...? और तो और..हिन्दू.. मुस्लिम...क्रिस्चन... बौद्ध... सिख... ये सब अलग क्यों...?
बहुत सारे मुर्ख लोग बोलते हैं की भगवान भारत मे ही हुवे.. तो अलग देशों मे क्यों नही...? और तो और..हिन्दू.. मुस्लिम...क्रिस्चन... बौद्ध... सिख... ये सब अलग क्यों...? तो आईये जानते हैं विस्तार से एक कथा के अनुसार.....!! कहते हैं जिस विषय की जानकारी ना हो उसके बारे मे जानना चाहिए.. ना की उसका विरोध करना चाहिए...!! शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी की प्रेम कहानी (#Shukracharya daughter story): प्राचीनकाल में देवताओं और राक्षसों के कई युद्ध हुए। इन युद्धों में कभी देवता जीतते और कभी #राक्षस। लेकिन एक समय ऐसा आया कि राक्षसों की शक्ति तेजी से बढ़ने लगी। इसका कारण था #मृतसंजीवनी विद्या। राक्षसों के गुरु शुक्राचार्य को भगवान शिव के आशीर्वाद से मृतसंजीवनी विद्या का ज्ञान मिल गया था। अब युद्ध में जो राक्षस मर जाते, शुक्राचार्य उन्हें फिर से जीवित कर देते। देवताओं के लिए यह बड़ी समस्या बन गयी। क्या उपाय किया जाये। देवताओं के #गुरु #बृहस्पति भी इस विद्या से अनजान थे। देवगुरु बृहस्पति को एक उपाय सूझा। उन्होंने अपने पुत्र #कच से कहा कि वो जाकर गुरु शुक्राचार्य का शिष्य बन जाए और मृतसंजीवन...