शनिदेव जी की आरती / Shanidev ki aarti / जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी / Jay jay shanidev bhaktan hitkari

शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है। यह लोगों को उनके बुरे कर्मों पर दंड देने के साथ-साथ शुभ फल भी प्रदान करते हैं।


जय श्री शनिदेव महाराज की 🙏


शनिदेव जी की आरती


 जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

जय जय श्री शनि देव
श्याम अंग वक्र-दृ‍ष्टि चतुर्भुजा धारी।
नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।

क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।

देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।।


जय श्री शनिदेव महाराज की 🙏

🙏🙏🙏🙏
🙏हर हर महादेव🙏
🙏माता दुर्गा की जय 🙏
🙏सियावर रामचंद्र की जय🙏
🙏पवनसुत हनुमान की जय🙏
🙏उमापति महादेव की जय🙏


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Bal Samay Ravi Bhaksha Liyo/बाल समय रवि भक्ष लियो तब / संकटमोचन हनुमान अष्टक:-

‘हर व्यक्ति की 4 पत्नियां होनी चाहिए’

बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना/tulsidas ji ne bhagwan ki mahima/binu pad chalai sunai binu kana